Wednesday, 27 December 2017

बहुत बेशरम हो तुम

बहुत बेशरम हो तुम
सिर्फ यादों में आते हो
सामने बुलाओ तो मुँह फेर जाते हो

बहुत बेशरम हो तुम
सिर्फ छुप छुप कर बातें करते हो
सामने से जवाब मांगू तो चुप हो जाते हो

बहुत बेशरम हो तुम
सिर्फ दूर से मुस्कराते हो
पास बुलाओ तो रूठ जाते हो

बहुत बेशरम हो तुम
मुझे खूब रुलाते हो
मनाने को कहूँ तो हँसकर चले जाते हो

बहुत बेशरम हो तुम
जानते हो कि दुखता है
फिर भी दुखा कर चले जाते हो