तेरे शर्माते हुए गुलाबी गाल
मुस्कराते हुए तेरे ये लब लाल
इनसे कहती हो तुम बातें जो
कर देती हैं मेरे दिन हरे
तेरे चहरे पर सूरज की चमक पीली
आँखें तेरी झील सी नीली
ओ प्रिय
तुम ही तो हो मेरी होली
जिसके पास है मेरी खुशियों की गोली
तो फिर आओ
मुझे फिर से रंग लगाओ
बना दो जिंदगी को मेरी एक रंगोली
No comments:
Post a Comment