Tuesday, 26 September 2017

फासले!!

फासला रखकर क्या हासिल कर लिया तुमने
रहते तो आज भी तुम मेरे दिल में हो
जिस दर्द से जुदा तुम करना चाहते थे मुझे
वो सितम आज भी तुम मुझ ही पर ढ़ाते हो

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